Himachal Surpasses Wheat Procurement

हिमाचल में गेहूं खरीद ने बनाया नया रिकॉर्ड, लक्ष्य से 43% अधिक खरीद

undefined

Himachal Surpasses Wheat Procurement

हिमाचल प्रदेश में रबी विपणन सत्र (आरएमएस) 2026-27 के दौरान गेहूं की सरकारी खरीद ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 3200 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन विभिन्न खरीद केंद्रों के माध्यम से कुल 4567.50 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। यह निर्धारित लक्ष्य का 143 प्रतिशत है, यानी लक्ष्य से लगभग 43 प्रतिशत अधिक खरीद दर्ज की गई।

राज्य सरकार ने किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा। इस खरीद अभियान से प्रदेश के 1030 किसानों को लाभ मिला और उन्हें कुल 11.80 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, कांगड़ा जिले में 1850 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 1515.65 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, जो लक्ष्य का 82 प्रतिशत है।

वहीं, सिरमौर जिले ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। यहां 1000 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 1977.70 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जो लक्ष्य का 198 प्रतिशत है। पांवटा साहिब खरीद केंद्र में 1563.45 मीट्रिक टन और धौलाकुआं खरीद केंद्र में 414.25 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई।

सोलन जिले में 150 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 603.80 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, जो लक्ष्य का 403 प्रतिशत रही। नालागढ़ मार्केट यार्ड खरीद केंद्र में 500 मीट्रिक टन तथा बद्दी औद्योगिक शेड खरीद केंद्र में 103.80 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।

ऊना जिले में भी खरीद लक्ष्य से कहीं अधिक रही। यहां 200 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 470.35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, जो लक्ष्य का 235 प्रतिशत है। जिले के एपीएमसी रामपुर और टकराला मार्केट यार्ड खरीद केंद्रों पर किसानों से बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीद की गई।

राज्य सरकार ने इस उपलब्धि को किसानों के बढ़ते विश्वास और प्रभावी खरीद व्यवस्था का परिणाम बताया है। अधिकारियों के अनुसार, समय पर भुगतान और बेहतर खरीद प्रबंधन के कारण किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने को प्राथमिकता दी, जिससे इस वर्ष रिकॉर्ड खरीद दर्ज की गई।